Deewane-Ghalib (दीवान-ए-ग़ालिब)
| Author | |
|---|---|
| Publisher | |
| Language | |
| Edition |
2025 |
| ISBN |
9789350726259 |
| Pages |
316 |
| Cover |
Paperback |
| Size |
23*3*15(L*B*H) |
| Weight |
710 Gm |
| Item Code |
9789350726259 |
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Deewane-Ghalib (दीवान-ए-ग़ालिब) भारतीय उपमहाद्वीप की महान उर्दू-फ़ारसी साहित्यिक परंपरा से जुड़ी एक महत्त्वपूर्ण कृति है। मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ाँ ग़ालिब उर्दू और फ़ारसी साहित्य के उन महान शायरों में गिने जाते हैं जिनकी रचनाओं में प्रेम, दर्शन, जीवन की जटिलताएँ, मानवीय संवेदनाएँ और आत्मचिंतन की गहराई दिखाई देती है।
इस हिंदी संस्करण में शीन काफ़ निज़ाम का योगदान पाठकों को ग़ालिब की साहित्यिक दुनिया से जोड़ता है।
ग़ालिब और मीर तकी मीर की साहित्यिक परंपरा
मिर्ज़ा ग़ालिब ने फ़ारसी के महान शायर बेदिल और उर्दू के प्रसिद्ध शायर मीर तकी मीर के साहित्यिक योगदान को विशेष सम्मान दिया। मीर तकी मीर की शायरी में मानवीय अनुभव, संवेदनशीलता और जीवन के संघर्षों की गहरी अभिव्यक्ति मिलती है।
ग़ालिब और मीर की साहित्यिक परंपराएँ उर्दू शायरी के विकास में अत्यंत महत्त्वपूर्ण रही हैं। इन दोनों शायरों की रचनाएँ आज भी साहित्य प्रेमियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ
-
मिर्ज़ा ग़ालिब की साहित्यिक विरासत से परिचय।
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हिंदी भाषा में उपलब्ध उर्दू शायरी से संबंधित महत्त्वपूर्ण पुस्तक।
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शीन काफ़ निज़ाम का साहित्यिक योगदान।
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उर्दू ग़ज़ल और शास्त्रीय शायरी में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयोगी।
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हिंदी और उर्दू साहित्य के विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों के लिए उपयुक्त।
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वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित द्वितीय संस्करण।
| Weight | 0.710 kg |
|---|---|
| Dimensions | 23 × 14 × 3 cm |
| Author | |
| Publisher | |
| Language | |
| Edition |
2025 |
| ISBN |
9789350726259 |
| Pages |
316 |
| Cover |
Paperback |
| Size |
23*3*15(L*B*H) |
| Weight |
710 Gm |
| Item Code |
9789350726259 |




