Prachin Bhrigu Samhita Mahashastra – Complete 2 Volume Set प्राचीन भृगु संहिता महाशास्त्र (दो खंडों में)
| Author | |
|---|---|
| Publisher | |
| Language | |
| Edition |
2023 |
| Pages |
3600 |
| Cover |
Hardcover |
| Size |
28*6*18 |
| Weight |
3.4 Kg |
Original price was: ₹3,600.00.₹2,799.00Current price is: ₹2,799.00.
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प्राचीन भृगु संहिता महाशास्त्र भारतीय वैदिक ज्योतिष, भृगु संहिता परंपरा तथा पारंपरिक ज्योतिषीय फलादेश के अध्ययन से संबंधित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। आचार्य विवेक श्री कौशिक द्वारा प्रस्तुत यह दो खंडों का विस्तृत ग्रंथ भारतीय ज्योतिष साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों, ज्योतिषाचार्यों, विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री है।
भृगु संहिता की परंपरा का संबंध प्राचीन भारतीय ऋषि महर्षि भृगु से माना जाता है। इस परंपरा में जन्मकुंडली, ग्रहों की स्थिति, ज्योतिषीय योग तथा जीवन से संबंधित विभिन्न विषयों के फलादेश का विशेष महत्व है।
यह ग्रंथ कुल 3600 पृष्ठों में प्रकाशित है और भृगु ज्योतिष तथा भारतीय ज्योतिषीय परंपराओं का विस्तृत अध्ययन करने के इच्छुक पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण संग्रहणीय पुस्तक है।
पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ
- दो खंडों का संपूर्ण सेट: कुल 3600 पृष्ठों में प्रकाशित विस्तृत ज्योतिष ग्रंथ।
- भृगु संहिता परंपरा: महर्षि भृगु से संबंधित पारंपरिक ज्योतिष साहित्य के अध्ययन हेतु उपयोगी।
- वैदिक ज्योतिष: भारतीय ज्योतिष एवं पारंपरिक फलादेश पद्धतियों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयुक्त।
- ज्योतिषीय अध्ययन: जन्मकुंडली, ग्रहों के प्रभाव एवं फलित ज्योतिष के पारंपरिक सिद्धांतों को समझने के इच्छुक पाठकों के लिए संदर्भ सामग्री।
- हिंदी संस्करण: हिंदी भाषी पाठकों के लिए उपलब्ध।
- हार्डकवर बाइंडिंग: लंबे समय तक उपयोग एवं पुस्तकालय संग्रह के लिए उपयुक्त।
भृगु संहिता का महत्व
भृगु संहिता भारतीय ज्योतिष की प्रसिद्ध पारंपरिक ग्रंथ-परंपराओं में से एक है। मान्यता के अनुसार, महर्षि भृगु ने ज्योतिषीय गणनाओं एवं ग्रहों की स्थितियों के आधार पर जीवन की विभिन्न परिस्थितियों का अध्ययन किया था।
इस परंपरा का अध्ययन वैदिक ज्योतिष, फलित ज्योतिष तथा भारतीय ज्योतिष साहित्य के ऐतिहासिक एवं पारंपरिक स्वरूप को समझने में सहायक हो सकता है।
पुस्तक किनके लिए उपयोगी है?
- वैदिक ज्योतिष एवं भृगु ज्योतिष का अध्ययन करने वाले विद्यार्थी।
- पारंपरिक ज्योतिष शास्त्र में रुचि रखने वाले ज्योतिषाचार्य।
- भारतीय ज्योतिष साहित्य के शोधकर्ता।
- संस्कृत एवं हिंदी ज्योतिष ग्रंथों के संग्रहकर्ता।
- भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित पुस्तकालय एवं शैक्षणिक संस्थान।
| Weight | 3.4 kg |
|---|---|
| Dimensions | 29 × 24 × 9 cm |
| Author | |
| Publisher | |
| Language | |
| Edition |
2023 |
| Pages |
3600 |
| Cover |
Hardcover |
| Size |
28*6*18 |
| Weight |
3.4 Kg |




